ATM Full Form in Hindi | What is Automatic Teller Machine ?

In this post, we will know what is the ATM Full Form? When was the ATM invented? what is atm

ATM Full Form क्या होता है। 

ATM Full Form – Automatic Teller Machine

 

आज मै आपको इस POST के द्वारा ATM मशीन के बारे में बताऊंगा ! 

ATM -Automatic Teller Machine के नाम से जाना जाता है ! ATM की खोज Luther George Simjiam ने किया ! जो कि अमेरिका में रहते थे ! 

ATM Full Form in Hindi | What is Automatic Teller Machine ?

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ATM (ATM Full Form) का सीधा सम्बन्ध आपके बैंक अकॉउंट से होता है ! ATM का हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही उपयोग है ! बैंक से रुपये निकलना हो या जमा करना हो तो आपको बैंक जाना नहीं पड़ेगा ! ATM मशीन के द्वारा आप अपने खाते में रुपए जमा या निकाल भी सकते हैं !

ATM एक ऑटोमेटेड टेलर मशीन है ! ATM कार्ड होने से आप कैश रखने से मुक्त हो जाते है ! इसमें एक पिन नंबर होता है ! इसके द्वारा हम कही भी हो जिस देश में हो तुरंत ही रुपए हमें प्राप्त हो जाते हैं ! बैंक बंद होने पर भी हम ATM मशीन के द्वारा रुपए आसानी से प्राप्त कर सकते हैं ! यह बैंक की प्रक्रिया को आसान बनता है ! आपने कितने रूपये निकले हैं या जमा किये हैं इसकी जानकारी एक Slip (पर्ची )के द्वारा हमें बताता है ! 

हर देश विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है ! इस टेक्नोलॉजी के द्वारा हम 24 घंटे कही पर भी हो पैसा प्राप्त कर सकते हैं ! आज कल हर बैंक में यह सुविधा उपलब्ध है ! मोबइल  नंबर के द्वारा  हम अपने मोबाइल में बैंक बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ! ATM में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिये ऑन  लाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं !

आजकल 75% लोग ATM का इस्तेमाल कर रहे हैं ! गांव के कई इलाको में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है ! जल्द यह सुविधा गांव -गॉव में उपलब्ध हो जाएगी ! इस भाग दौड़ की जिंदगी में किसी के पास ज्यादा समय नहीं होता है ! इससे आपका समय बच जाता है ! ATM कार्ड की जरूरत आजकल हर इंसान को पड़ती है !  

ATM का क्या इतिहास है ? What is the history of ATM Full Form?

सन 1967 में लंदन के Barclays Bank की शाखा में अपना पहला ATM चालू किया ! जिसने 1970 के दशक में एक ग्राहक को दूसरे बैंक के ATM में एक बैंक के कार्ड का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करता है ! उस समय ATM दुनिया भर में सब जगह लग गये थे ! पहले दुनिया भर में 4 मिलियन से अधिक ATM लग गये थे !

ATM मशीन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। There are mainly two types of ATM machines

  1.  एक ग्राहकों के द्वारा केवल नकद निकासी की अनुमति प्रदान करता है ! और अद्यतन खाता शेष प्रदान करता हैं।
  2.  ATM एक जटिल मशीन जिनमें हम नकद भी जमा कर सकते हैं और क्रेडिट लाइन भुगतान और स्थानान्तरण की सुविधा देते हैं !
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ATM को कैसे उपयोग किया जाता है ? How is ATM used?

ATM (ATM Full Form) मशीन का उपयोग करना बहुत ही आसान है। इसमें इनपुट और आउटपुट दोनों टूल होते हैं ! जिससे लोग आराम से पैसा भी जमा कर सकते हैं और निकाल भी सकते हैं ! ATM में आउटपुट और इनपुट दोनों ही डिवाइस होती हैं। जिनका विवरण नीचे दिया गया है !

आउटपुट डिवाइस

बटन दबाने पर ऑडियो इनपुट उत्पन्न करने के लिए एटीएम में स्पीकर उपलब्ध होता है।डिस्प्ले स्क्रीन – लेन-देन से संबंधित विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होता है। यह क्रम से एक-एक करके नकद निकासी के चरणों को आपको दर्शाता है।

इनपुट डिवाइस

कार्ड रीडर ATM कार्ड पर संग्रहीत कार्ड डेटा को चुंबकीय पट्टी में दर्शाता है जो पीछे की तरफ होती है। निर्दिष्ट स्थान पर कार्ड डालते ही खाता विवरण कार्ड रीडर द्वारा एकत्र किया जाता है और सर्वर तुरंत भेजा जाता है। कैश डिस्पेंसर खाते की जानकारी को और उपयोगकर्ता सर्वर से प्राप्त आदेशों के अनुसार नकदी निकालने की अनुमति देता है।

 

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ATM के क्या कार्य सिद्धांत हैं ?

आपको सबसे पहले ATM के अंदर प्लास्टिक ATM कार्ड डालना होता है लेकिन कुछ मशीनों में कार्ड स्वैपिंग भी होती है। इन ATM (ATM Full Form)कार्ड में एक चुंबकीय पट्टी पर आपके खाते की डिटेल और कुछ सुरक्षा जानकारी होती है। जब आप अपना कार्ड लगाते हैं तो कंप्यूटर आपके खाते के बारे में जानकारी को प्राप्त करता है और आपसे आपका पिन नंबर डालने का अनुरोध करता है। पिन नंबर वैध होने के बाद मशीनें नकद लेनदेन की अनुमति देती है !

ATM (ATM Full Form in Hindi) मशीन के प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं –

  • • नकद जमा राशि
  • • नकदी जमा की निकासी
  • • नकदी का स्थानांतरण
  • • बिल का नियमित भुगतान
  • • आपके खातों का विवरण
  • • मिनी स्टेटमेंट
  • • खाता शेष विवरण
  • • मोबाइल का रिचार्ज
  • • पिन कोड बदलना

एटीएम के फायदे आदि उपलब्ध होते है।

यह बैंक के कर्मचारियों पर काम के दबाव को बहुत ही कम करने में मदद करता है !

 

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ATM (ATM Full Form)के पिन नंबर को किसी के साथ शेयर न करे ! इसे हमेसा याद रखे ! रुपए निकलते समय यदि आप तीन बार तक गलत पिन नंबर डालते हैं  तो यह ATM कार्ड को block कर देता है ! 

अगर पिन नंबर हटाकर यदि हम फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल करके रुपए निकले तो यह हमारे लिए ज्यादा सुविधा हो जायेगा !

पिन डालते समय यह देख ले कि कोई आप पर नजर  तो नहीं रख रहा हो और समय समय पर अपना ATM PIN भी बदलते रहे ! जिस ए टी एम का कार्ड है उसी ए टी एम में जाये अन्यथा अलग से चार्ज लिया जाता है !

आज ATM हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है !

आज के डिजिटल युग में हम पैसे का लेनदेन बैंकिंग या तो ऑनलाइन या ATM से आसानी से करते हैं।
आज ATM की वजह से हमारा काफी समय भी बच जाता है।

ATM से हम दिन में कभी भी 24 घंटे पैसे निकाल सकते हैं !
हम पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं !
पैसे जमा भी आसानी से कर सकते हैं !

What is an Automated Teller Machine? स्वचालित टेलर मशीन क्या है?

Automated Teller Machine (ATM Full Form) एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसका उपयोग बैंक ग्राहकों द्वारा मानव सहायता की आवश्यकता के बिना विभिन्न वित्तीय लेनदेन करने के लिए किया जाता है। यह एक स्व-सेवा टर्मिनल है जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे बैंकिंग सेवाओं की एक श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करता है।

ATM आम तौर पर आसान पहुंच के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों जैसे बैंकों, शॉपिंग मॉल, हवाई अड्डों और सुविधा स्टोरों में स्थित होते हैं। वे ग्राहकों को सामान्य लेनदेन करने की अनुमति देते हैं जैसे नकदी निकालना, पैसे जमा करना, खातों के बीच धन स्थानांतरित करना, खाते की शेष राशि की जांच करना और यहां तक कि बिलों का भुगतान करना।

एटीएम का उपयोग करने के लिए ग्राहक मशीन में एक प्लास्टिक कार्ड, डेबिट या क्रेडिट कार्ड डालते हैं और प्रमाणीकरण के लिए एक व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) दर्ज करते हैं। एक बार प्रमाणित होने के बाद, वे ऑन-स्क्रीन मेनू से वांछित लेनदेन का चयन कर सकते हैं और एटीएम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते हैं।

नकदी निकालते समय एटीएम अनुरोधित राशि बैंक नोटों के रूप में निकालता है। पैसे जमा करने में आम तौर पर निर्दिष्ट स्लॉट में नकदी या चेक डालना शामिल होता है, और एटीएम सामग्री को स्कैन और गिनकर जमा की पुष्टि करता है। कुछ एटीएम लिफाफा-मुक्त नकदी जमा भी स्वीकार कर सकते हैं।

एटीएम सुविधा और पहुंच प्रदान करते हैं, जिससे ग्राहकों को पारंपरिक बैंकिंग घंटों के अलावा बुनियादी बैंकिंग कार्य करने की अनुमति मिलती है। वे बैंकिंग प्रणाली का एक अभिन्न अंग बन गए हैं, जो व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन का त्वरित और सुविधाजनक तरीका प्रदान करते हैं।

What is ATM and its uses? एटीएम क्या है और इसके उपयोग?

ATM या Automated Teller Machine एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो बैंक ग्राहकों को मानव सहायता की आवश्यकता के बिना विभिन्न वित्तीय लेनदेन करने में सक्षम बनाता है। यह एक स्व-सेवा टर्मिनल है जो बैंकिंग सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करता है, जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध है।

एटीएम के प्राथमिक उपयोगों में शामिल हैं:-

  • Cash Withdrawal: नकद निकासी: एटीएम ग्राहकों को डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके अपने बैंक खाते से नकदी निकालने की अनुमति देते हैं। उपयोगकर्ता वांछित राशि चुन सकते हैं और इसे मशीन द्वारा जारी बैंक नोटों के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
  • Deposits: जमा: कई एटीएम ग्राहकों को अपने बैंक खातों में नकदी या चेक जमा करने में सक्षम बनाते हैं। मशीन आम तौर पर जमा राशि की सामग्री को स्कैन और सत्यापित करती है, सबूत के रूप में एक रसीद प्रदान करती है।
  • Fund Transfer: फंड ट्रांसफर: एटीएम विभिन्न बैंक खातों के बीच फंड ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान करते हैं। ग्राहक एटीएम की क्षमताओं के आधार पर अपने खाते से उसी बैंक के किसी अन्य खाते में या यहां तक कि अन्य बैंकों के खातों में भी धन हस्तांतरित कर सकते हैं।
  • Balance Enquiry: शेष राशि संबंधी पूछताछ: उपयोगकर्ता अपने बैंक खातों में उपलब्ध धनराशि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एटीएम पर अपने खाते की शेष राशि की जांच कर सकते हैं।
  • Account Statement: खाता विवरण: कुछ एटीएम मिनी स्टेटमेंट या लेनदेन इतिहास प्रिंट करने का विकल्प प्रदान करते हैं, जिससे ग्राहकों को हाल के लेनदेन की समीक्षा करने और उनकी खाता गतिविधि की निगरानी करने की अनुमति मिलती है।
  • Bill Payment: बिल भुगतान: कई एटीएम बिल भुगतान सेवाएं प्रदान करते हैं, जिससे ग्राहक उपयोगिता बिल, क्रेडिट कार्ड बिल या अन्य प्रकार के बिल सीधे मशीन के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।
  • Prepaid services: प्रीपेड सेवाएं: कुछ एटीएम ग्राहकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करते हुए प्रीपेड मोबाइल फोन क्रेडिट को टॉप अप करने, प्रीपेड कार्ड खरीदने या ट्रांजिट पास को फिर से लोड करने की अनुमति देते हैं।

एटीएम बैंकों, शॉपिंग सेंटरों, हवाई अड्डों और सुविधा स्टोर जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में पाए जाते हैं। वे ग्राहकों को अपने वित्त का प्रबंधन करने के लिए एक सुविधाजनक और सुलभ तरीका प्रदान करते हैं।

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How does ATM work? एटीएम कैसे काम करता है?

ATM Full Form (Automated Teller Machines) बैंकिंग लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए hardware and software घटकों के संयोजन के माध्यम से काम करते हैं। एटीएम कैसे संचालित होता है इसका एक सामान्य अवलोकन यहां दिया गया है:-

  • Card Authentication: कार्ड प्रमाणीकरण: लेनदेन शुरू करने के लिए, उपयोगकर्ता अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड एटीएम के कार्ड रीडर में डालता है। एटीएम कार्ड की चुंबकीय पट्टी या चिप को पढ़ता है, जिससे खाता संख्या और कार्डधारक विवरण जैसी आवश्यक जानकारी प्राप्त होती है। प्रमाणीकरण के लिए कार्डधारक को आमतौर पर एक व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) दर्ज करना आवश्यक होता है।
  • Communication: संचार: एटीएम एक नेटवर्क के माध्यम से बैंक के कंप्यूटर सिस्टम के साथ एक सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करता है। यह कनेक्शन वायर्ड या वायरलेस हो सकता है, जैसे फ़ोन लाइन या इंटरनेट के माध्यम से। संचार यह सुनिश्चित करता है कि एटीएम बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ा है और लेनदेन के लिए आवश्यक जानकारी तक पहुंच सकता है।
  • Menu and Selection: मेनू और चयन: एटीएम अपने डिस्प्ले पर एक मेनू प्रस्तुत करता है, जो उपयोगकर्ता को विभिन्न लेनदेन विकल्प प्रदान करता है। इन विकल्पों में आम तौर पर नकद निकासी, शेष राशि की पूछताछ, फंड ट्रांसफर और अन्य सेवाएं शामिल हैं। उपयोगकर्ता एटीएम के कीपैड या टचस्क्रीन पर संबंधित बटन दबाकर वांछित लेनदेन का चयन करता है।
  • Processing the Transaction: लेनदेन को संसाधित करना: एक बार जब उपयोगकर्ता लेनदेन का चयन करता है, तो एटीएम प्रसंस्करण के लिए बैंक के कंप्यूटर सिस्टम को अनुरोध भेजता है। अनुरोध में लेनदेन का प्रकार, शामिल राशि और उपयोगकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों के खाता नंबर (यदि लागू हो) जैसे विवरण शामिल हैं।
  • Authorization: प्राधिकरण: बैंक का कंप्यूटर सिस्टम लेनदेन अनुरोध प्राप्त करता है और उपयोगकर्ता की पहचान और खाता विवरण सत्यापित करता है। यह यह निर्धारित करने के लिए उपलब्ध शेष राशि, लेनदेन सीमा और खाते की स्थिति जैसे कारकों की जांच करता है कि अनुरोधित लेनदेन को अधिकृत किया जा सकता है या नहीं। यदि अनुरोध स्वीकृत हो जाता है, तो सिस्टम एक प्राधिकरण कोड उत्पन्न करता है।
  • Cash Dispensation or Transaction Completion: नकद वितरण या लेनदेन का समापन: यदि लेनदेन में नकद निकासी शामिल है, तो एटीएम अनुरोधित राशि को बैंक नोटों के रूप में वितरित करता है। इसके बाद उपयोगकर्ता नकदी एकत्र कर सकता है। शेष राशि की पूछताछ या फंड ट्रांसफर जैसे अन्य लेनदेन के लिए, एटीएम अनुरोधित जानकारी प्रदान करता है या एक पुष्टिकरण संदेश प्रदर्शित करता है।
  • Receipt and Transaction End: रसीद और लेनदेन की समाप्ति: लेनदेन के अंत में एटीएम आमतौर पर रसीद प्रिंट करने का विकल्प प्रदान करता है। रसीद में लेनदेन राशि, खाता शेष, लेनदेन संदर्भ संख्या और टाइमस्टैम्प जैसे विवरण शामिल हैं। उपयोगकर्ता रसीद प्राप्त करना या अस्वीकार करना चुन सकता है।
  • Card retrieval: कार्ड पुनर्प्राप्ति: लेनदेन पूरा करने के बाद उपयोगकर्ता एटीएम के कार्ड रीडर से अपना कार्ड पुनः प्राप्त करता है। मशीन उपयोगकर्ता को कार्ड लेने के लिए संकेत दे सकती है या इसे इकट्ठा करने की याद दिलाने के लिए एक श्रव्य चेतावनी प्रदान कर सकती है।

What are the advantages of ATM? एटीएम के क्या फायदे हैं?

ATM Full Form (Automated Teller Machines) बैंकों और ग्राहकों दोनों को कई लाभ प्रदान करते हैं। एटीएम का उपयोग करने के कुछ फायदे इस प्रकार हैं:-

  • Convenience: सुविधा: एटीएम ग्राहकों को अपने बैंक खातों तक पहुंचने और विभिन्न लेनदेन करने का एक सुविधाजनक तरीका प्रदान करते हैं। वे 24/7 उपलब्ध हैं, जो उपयोगकर्ताओं को पारंपरिक बैंकिंग घंटों के बाहर नकदी निकालने, पैसे जमा करने या अन्य बैंकिंग गतिविधियों का संचालन करने की अनुमति देते हैं।
  • Accessibility: पहुंच: एटीएम सार्वजनिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपलब्ध हैं, जिनमें बैंक, शॉपिंग सेंटर, हवाई अड्डे और सुविधा स्टोर शामिल हैं। यह व्यापक पहुंच ग्राहकों के लिए एटीएम ढूंढना और किसी भौतिक बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता के बिना लेनदेन करना आसान बनाती है।
  • Cash Availability: नकदी उपलब्धता: एटीएम ग्राहकों को चलते-फिरते नकदी निकालने में सक्षम बनाते हैं। यह यात्रा करते समय या उन स्थितियों में विशेष रूप से उपयोगी है जहां नकदी की तत्काल पहुंच की आवश्यकता होती है। उपयोगकर्ता वांछित राशि आसानी से और शीघ्रता से निकाल सकते हैं।
  • Reduced dependence on bank branches: बैंक शाखाओं पर निर्भरता कम: एटीएम नियमित लेनदेन के लिए पारंपरिक बैंक शाखाओं पर निर्भरता को कम करने में मदद करते हैं। ग्राहक बैंक टेलर से बातचीत किए बिना एटीएम पर सामान्य बैंकिंग कार्य, जैसे नकद निकासी, जमा और शेष राशि की पूछताछ कर सकते हैं।
  • Faster Transactions: तेज़ लेनदेन: एटीएम त्वरित लेनदेन की अनुमति देते हैं, जिससे ग्राहक अपने बैंकिंग कार्यों को कुशलतापूर्वक पूरा कर पाते हैं। निकासी और जमा को अक्सर कुछ ही मिनटों में संसाधित किया जा सकता है, जिससे बैंक शाखा में लाइन में इंतजार करने की तुलना में समय की बचत होती है।
  • Enhanced Privacy: उन्नत गोपनीयता: एटीएम उन ग्राहकों के लिए गोपनीयता प्रदान करते हैं जो अपने वित्तीय लेनदेन को विवेकपूर्ण तरीके से करना पसंद करते हैं। उपयोगकर्ता गोपनीयता और सुरक्षा का स्तर प्रदान करते हुए, बैंक कर्मचारी के साथ सीधे बातचीत की आवश्यकता के बिना अपना लेनदेन पूरा कर सकते हैं।
  • Additional Services: अतिरिक्त सेवाएँ: कई एटीएम नकद निकासी और जमा से परे अतिरिक्त सेवाएँ प्रदान करते हैं। इन सेवाओं में बैलेंस पूछताछ, फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान, मिनी स्टेटमेंट और प्रीपेड सेवाएं शामिल हो सकती हैं, जो ग्राहकों को सुविधाजनक बैंकिंग विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती हैं।
  • Cost savings: लागत बचत: एटीएम का उपयोग करने से ग्राहकों को कुछ लेनदेन पर पैसे बचाने में मदद मिल सकती है। बैंक अक्सर अपने स्वयं के एटीएम तक शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करते हैं, जिससे टेलर-सहायता वाले लेनदेन से जुड़े लेनदेन शुल्क को कम या समाप्त कर दिया जाता है। इसके अलावा, एटीएम नियमित लेनदेन के लिए भौतिक बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता को समाप्त करके उपयोगकर्ताओं को परिवहन व्यय जैसी अतिरिक्त लागत से बचा सकते हैं।

एटीएम बैंकिंग लेनदेन में अधिक सुविधा, पहुंच और दक्षता प्रदान करते हैं। वे ग्राहकों को अपने वित्त पर अधिक नियंत्रण प्रदान करते हैं और पारंपरिक बैंकिंग विधियों की तुलना में समय बचाते हैं।

Who started ATM in India? भारत में एटीएम की शुरुआत किसने की थी?

भारत में एटीएम की शुरूआत का श्रेय कुछ अलग-अलग संस्थाओं को दिया जा सकता है। भारत में पहला परिचालन एटीएम 1987 में मुंबई (तब बॉम्बे के नाम से जाना जाता था) में एचएसबीसी द्वारा स्थापित किया गया था। इससे देश में एटीएम क्रांति की शुरुआत हुई।

भारत भर में एटीएम को व्यापक रूप से अपनाने और विस्तार का श्रेय विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया जा सकता है। 1990 के दशक में, कई प्रमुख बैंकों, जैसे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने प्रमुख शहरों में एटीएम लागू करना शुरू किया।

2000 के दशक की शुरुआत में एटीएम के विस्तार में तेजी आई जब देश की केंद्रीय बैंकिंग संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एटीएम नेटवर्क की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए नीतियां और नियम पेश किए। आरबीआई ने इंटरऑपरेबल एटीएम नेटवर्क के कार्यान्वयन को अनिवार्य कर दिया, जिससे एक बैंक के ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क के बिना दूसरे बैंक के एटीएम के माध्यम से अपने खातों तक पहुंचने की अनुमति मिल सके। इस कदम से देश भर में एटीएम के प्रसार को काफी बढ़ावा मिला।

एटीएम भारतीय बैंकिंग प्रणाली का एक अभिन्न अंग बन गए हैं, कई बैंक अपने ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक एटीएम नेटवर्क की पेशकश कर रहे हैं।

What are the four uses of ATM? एटीएम के चार उपयोग क्या हैं?

ATM Full Form (Automated Teller Machine) के चार सामान्य उपयोग यहां दिए गए हैं:-

  • Cash Withdrawal:नकद निकासी: एटीएम ग्राहकों को अपने बैंक खाते से नकदी निकालने की अनुमति देते हैं। उपयोगकर्ता वांछित निकासी राशि का चयन कर सकते हैं और एटीएम द्वारा जारी किए गए बैंक नोटों के रूप में अनुरोधित नकदी प्राप्त कर सकते हैं।
  • Deposits: जमा: कई एटीएम बैंक खाते में नकदी या चेक जमा करने की सुविधा प्रदान करते हैं। ग्राहक अपनी जमा राशि एक निर्दिष्ट स्लॉट में डाल सकते हैं, और एटीएम जमा किए गए पैसे या चेक को स्कैन और गिनकर सामग्री की पुष्टि करता है।
  • Balance Enquiry: शेष राशि संबंधी पूछताछ: एटीएम उपयोगकर्ताओं को अपने खाते की शेष राशि जांचने की अनुमति देते हैं। एटीएम के मेनू पर उचित विकल्प का चयन करके, ग्राहक अपने बैंक खातों में उपलब्ध शेष राशि देख सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी वित्तीय स्थिति का अवलोकन मिलता है।
  • Fund Transfer: फंड ट्रांसफर: एटीएम अक्सर बैंक खातों के बीच फंड ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करते हैं। ग्राहक एटीएम की क्षमताओं के आधार पर अपने खाते से उसी बैंक के किसी अन्य खाते में या यहां तक कि अन्य बैंकों के खातों में पैसे स्थानांतरित करने के लिए एटीएम का उपयोग कर सकते हैं। यह बैंक शाखा में जाए बिना धनराशि स्थानांतरित करने का एक सुविधाजनक तरीका प्रदान करता है।

ये एटीएम द्वारा दी जाने वाली कई सेवाओं और कार्यात्मकताओं के कुछ उदाहरण हैं।

Why is it called ATM? एटीएम क्यों कहा जाता है?

ATM का मतलब “Automated Teller Machine” है। नाम डिवाइस के प्राथमिक कार्य को दर्शाता है, जो आमतौर पर मानव बैंक टेलर द्वारा किए जाने वाले कार्यों को स्वचालित या मशीनीकृत करना है।

Teller एक बैंक कर्मचारी को संदर्भित करता है जो परंपरागत रूप से ग्राहकों के लिए विभिन्न वित्तीय लेनदेन, जैसे नकद निकासी, जमा और हस्तांतरण को संभालता है। एटीएम को इन टेलर कार्यों को स्वचालित करने और ग्राहकों को स्वयं-सेवा विकल्प प्रदान करने के तरीके के रूप में पेश किया गया था।

एटीएम में “Automated” शब्द सीधे मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता के बिना इन लेनदेन को स्वचालित रूप से करने की मशीन की क्षमता पर जोर देता है। इसका तात्पर्य यह है कि मशीन स्वतंत्र रूप से और कुशलता से कार्य कर सकती है, जिससे नियमित बैंकिंग गतिविधियों के लिए मानव टेलर पर निर्भरता कम हो जाती है।

इसलिए “Automated Teller Machine” नाम डिवाइस के प्राथमिक उद्देश्य पर प्रकाश डालता है – बैंक टेलर के कार्यों को स्वचालित और सुव्यवस्थित करना, ग्राहकों को उनके वित्तीय लेनदेन के संचालन के लिए एक स्व-सेवा विकल्प प्रदान करना।

चेतावनी – यदि आपका ATM कार्ड कही खो जाता है ! तो इसकी सूचना अपने बैंक को तुरन्त दें  ताकि आपका ATM कार्ड बंद कर दिया जाये  !

 

Frequently Asked Questions. FAQ ....

ATM का Full Form क्या होता है ?

ATM का फुल फॉर्म Automatic Teller Machine होता है। ATM को हिंदी में स्वचालित बोलने वाला यंत्र कहते है।

ATM का क्या इतिहास है ?

सन 1967 में लंदन के Barclays Bank की शाखा में अपना पहला ATM चालू किया ! जिसने 1970 के दशक में एक ग्राहक को दूसरे बैंक के ATM में एक बैंक के कार्ड का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करता है ! उस समय ATM दुनिया भर में सब जगह लग गये थे ! पहले दुनिया भर में 4 मिलियन से अधिक ATM लग गये थे !

ATM मशीन कितने प्रकार की होती हैं।

ATM मशीन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। 1. एक ग्राहकों के द्वारा केवल नकद निकासी की अनुमति प्रदान करता है ! और अद्यतन खाता शेष प्रदान करता हैं। 2. ATM एक जटिल मशीन जिनमें हम नकद भी जमा कर सकते हैं और क्रेडिट लाइन भुगतान और स्थानान्तरण की सुविधा देते हैं !

ATM को कैसे उपयोग किया जाता है ?

ATM (ATM Full Form) मशीन का उपयोग करना बहुत ही आसान है। इसमें इनपुट और आउटपुट दोनों टूल होते हैं ! जिससे लोग आराम से पैसा भी जमा कर सकते हैं और निकाल भी सकते हैं ! ATM में आउटपुट और इनपुट दोनों ही डिवाइस होती हैं। जिनका विवरण नीचे दिया गया है ! आउटपुट डिवाइस बटन दबाने पर ऑडियो इनपुट उत्पन्न करने के लिए एटीएम में स्पीकर उपलब्ध होता है।डिस्प्ले स्क्रीन - लेन-देन से संबंधित विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होता है। यह क्रम से एक-एक करके नकद निकासी के चरणों को आपको दर्शाता है। इनपुट डिवाइस कार्ड रीडर ATM कार्ड पर संग्रहीत कार्ड डेटा को चुंबकीय पट्टी में दर्शाता है जो पीछे की तरफ होती है। निर्दिष्ट स्थान पर कार्ड डालते ही खाता विवरण कार्ड रीडर द्वारा एकत्र किया जाता है और सर्वर तुरंत भेजा जाता है। कैश डिस्पेंसर खाते की जानकारी को और उपयोगकर्ता सर्वर से प्राप्त आदेशों के अनुसार नकदी निकालने की अनुमति देता है।

ATM के क्या कार्य सिद्धांत हैं ?

आपको सबसे पहले ATM के अंदर प्लास्टिक ATM कार्ड डालना होता है लेकिन कुछ मशीनों में कार्ड स्वैपिंग भी होती है। इन ATM (ATM Full Form)कार्ड में एक चुंबकीय पट्टी पर आपके खाते की डिटेल और कुछ सुरक्षा जानकारी होती है। जब आप अपना कार्ड लगाते हैं तो कंप्यूटर आपके खाते के बारे में जानकारी को प्राप्त करता है और आपसे आपका पिन नंबर डालने का अनुरोध करता है। पिन नंबर वैध होने के बाद मशीनें नकद लेनदेन की अनुमति देती है !

ATM मशीन के प्रमुख कार्य क्या हैं ?

नकद जमा राशि • नकदी जमा की निकासी • नकदी का स्थानांतरण • बिल का नियमित भुगतान • आपके खातों का विवरण • मिनी स्टेटमेंट • खाता शेष विवरण • मोबाइल का रिचार्ज • पिन कोड बदलना

ATM मशीन में क्या शेयर नहीं करना चाहिए ?

TM के पिन नंबर को किसी के साथ शेयर न करे ! इसे हमेसा याद रखे ! रुपए निकलते समय यदि आप तीन बार तक गलत पिन नंबर डालते हैं  तो यह ATM कार्ड को block कर देता है !  अगर पिन नंबर हटाकर यदि हम फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल करके रुपए निकले तो यह हमारे लिए ज्यादा सुविधा हो जायेगा ! पिन डालते समय यह देख ले कि कोई आप पर नजर  तो नहीं रख रहा हो और समय समय पर अपना ATM PIN भी बदलते रहे ! जिस ए टी एम का कार्ड है उसी ए टी एम में जाये अन्यथा अलग से चार्ज लिया जाता है ! आज ATM हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है ! आज के डिजिटल युग में हम पैसे का लेनदेन बैंकिंग या तो ऑनलाइन या ATM से आसानी से करते हैं। आज ATM की वजह से हमारा काफी समय भी बच जाता है।

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