IP का फुल फॉर्म Internet Protocol होता है। IP हिंदी में अंतरजाल नियमावली कहते है।

प्रश्न- IP का फुल फॉर्म क्या होता है?

IP Address दो प्रकार का होता हैं ! ➧ Public IP Address ➧ Private IP Address

इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) Packets of Data को Root करने और संबोधित करने के लिए एक प्रोटोकॉल का सेट है, ताकि वे पूरे नेटवर्क में भ्रमण कर सकें और सही गंतव्य पर पहुंच सकें। आईपी सूचना प्रत्येक पैकेट से जुड़ी होती है, और यह जानकारी राउटर को पैकेट को सही जगह पर भेजने में मदद करती है। प्रत्येक डिवाइस या डोमेन जो इंटरनेट से जुड़ता है उसे कम से कम एक आईपी पता सौंपा जाता है, और जैसे ही पैकेट को आईपी पते से जोड़ा जाता है, डेटा वहां पहुंच जाता है !

Public IP Address भी दो प्रकार के होते है। ➧Static IP Address ➧Dynamic IP Address

Static या Dynamic IP एड्रेस को Public IP Address कहते है। यह IP Address यूनिक होता है।

Static IP Address- इसका उपयोग प्रायः IP Camera, Email Server को  एक्सेस के लिए किया जाता है।

Dynamic IP Address- इसका उपयोग इंटरनेट उपयोगकर्ता के पास अपने कंप्यूटर के लिए Dynamic IP Address होते हैं, इसका IP Address हमेशा बदलते रहता है।

सभी कंप्यूटर किसी न किसी केबिल या नेटवर्क की सहायता से जुड़े रहते हैं ! इस नेटवर्क की मदद से हम कोई भी डाटा शेयर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं !

इसका इस्तेमाल गूगल की सहायता से IP Address का पता कर सकते हैं !