NRC = भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यह भारतीय नागरिक की पहचान के लिए होता है जिसमे भारत सरकार इसमें लोगों को रजिस्टर करती है ये लोग हमारे देश के नागरिक है। 

भारत देश में 1951 में पहली बार National Register of Citizens बनाया गया था।

जो लोग NRC में रजिस्टर नहीं करवाते है तो दूसरे देश का लोग कहलाते है। जिससे हमारे देश की सरकार को मालूम चल जाता है की ये लोग दूसरे देश के है।

NRC अभी तक पूर्ण रूप से असम में ही हुआ है क्यूंकि वहां पर दूसरे देश के लोग अधिक रहते थे।

भारत सरकार ने इस प्रक्रिया को 1986 में सिटीजनशिप एक्ट में संशोधन कर असम के लिए विशेष प्रावधान किया है। जो लोग असम में 12 साल से रह रहे है। उन्ही लोग इस रजिस्टर में शामिल होंगे।

2017 में असम सरकार द्वारा NRC मसौदे का पहला संस्करण जारी किया गया है। 

सन 1986 ईस्वी में आसाम राज्य के लिए सिटिजनशिप एक्ट संसोधन कर विशेष प्रावधान किया गया। 

अब रजिस्टर में उन्ही लोगो के नाम रहेगा जो 25 मार्च 1971 से पहले आसाम के नागरिक है, या उनके पूर्वज आसाम में रहते है।

सन 2013 -2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार NRC- (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) के काम फिर शुरू हुआ।